■ अफ़वाह के इस दौर में_____
जनवाद से प्रेम करता वह प्रेमी
मुक्ति सेना के जुलूस में शामिल था
जंगलों और पहाड़ों से टकराकर आती उनकी आवाज जनसाधारण को प्रिय थी
हाथ में सुर्ख लाल झंडा लिए
झोले में रखता भगत सिंह की किताब
वह किताब मंदिर के प्रसाद से भी ज्यादा पवित्र थी
यह सिद्धांत
कि शासन में जनता का हाथ होना जरूरी है
हमेशा बुदबुदाता रहा
स्कूल जाते बच्चों को देखकर मन ही मन मुस्कुराता
पेड़ों की टहनियों पर झूलते बच्चे उन्हें प्रिय थे
कटोरी में भात लिए दौड़ती माँ आकाश की परी दिखती
हर थाली में भात हो और गिलास भर पानी
यही स्वप्न था उनका
कई रातों से वह सोया नहीं था
कहता है - देश की नींव हिली हुई है
मुक्ति सेना का शीर्ष नेता कुर्सी के पाए से सटा बैठा मिला है
बंधन से मुक्त होने का जनता द्वारा किया गया आंदोलन स्थगित है
जनप्रतिनिधि
जनफुसलाव कला में माहिर हैं
ज़रा सी बात पर नाराज था वह
अफ़वाह के इस दौर में
अख़बार ने ख़बर दी
वह महामारी के हाथों मारा गया
कहने वाले कहते हैं
सब के दुखों को कलेवा बना कर खाना चाहता था
परंतु वह भूखा ही मारा गया ।।
ज्योति रीता
बहुत अच्छा।
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteVery nice ❤️❤️
ReplyDeleteउम्दा
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